चीन-नेपाल सीमा से लेकर भारत और बांग्लादेश तक सुबह छह बार कांपी धरती
नई दिल्ली। नेपाल की सीमा से सटे तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्र शिजांग में मंगलवार सुबह एक घंटे के अंदर आए 6 सिलसिलेवार भूकंप आए। इनमें रिक्टर स्केल पर 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप भी शामिल था। भूकंप से अकेले तिब्बत में कम से कम एक सौ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई सौ मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। तिब्बत के शिगात्से शहर में कई इमारतों समेत इंफ्रास्ट्रक्चर ताश के पत्ते की मानिंद ढह गए। सैकड़ों लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ पड़े। चीनी सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि शिजांग स्वायत्त क्षेत्र (तिब्बत) के डिंगरी काउंटी में भूकंप से कम से कम सौ लोगों की मौत हुई है और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं।
चीनी मीडिया के अनुसार भूकंप के केंद्र के पास कई इमारतें भी ढह गईं। चीन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने कहा, डिंगरी काउंटी और उसके आसपास के इलाकों में बहुत तेज झटके आए और भूकंप के केंद्र के पास की कई इमारतें ढह गईं। नेपाल की राजधानी काठमांडू में तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर भाग गए। अधिकारी भूकंप के प्रभाव का आकलन करने के लिए प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं। चीनी एयरफोर्स ने बचाव और राहत काम शुरू किया है। आपदा राहत मिशन के लिए चिकित्सा विमान, हेलीकॉप्टर और जमीनी बलों को तैनात किया गया है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, 7.1 तीव्रता का पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 6:35 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास शिजांग में आया। इतनी तीव्रता का भूकंप काफी शक्तिशाली माना जाता है और गंभीर क्षति पहुंचाने में सक्षम है। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के दूसरे सबसे बड़े शिगात्से शहर में भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की। उसी शिजांग क्षेत्र से एक घंटे के अंदर भूकंप के 5 और झटके महसूस किए गए, जिनकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.7 और 4.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र वहां स्थित था, जहां भारत और यूरेशिया की टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं।
काठमांडू की निवासी मीरा अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, मैं सो रही थी, अचानक बेड हिलने लगा। मुझे लगा कि मेरा बच्चा बेड को हिला रहा है। मैंने उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन खिड़की के हिलने से मुझे लग गया कि तेज भूकंप आया है। मैंने जल्दी से अपने बच्चे को लेकर घर से बाहर भागी और खुले मैदान में चली गई।
सिक्किम समेत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेपाल की राजधानी काठमांडू में तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले स्थानों की ओर भाग गए। भूकंप के चलते उत्तर भारत में लोगों के घरों के पंखे जोर-जोर से हिलते नजर आए। अचानक तेज खिड़की की कड़कड़ाहट की आवाज ने लोगों की नींद तोड़ दी। उठे तो पता चला कि वो इस वक्त बेहद तेज गति से आ रहे भूकंप के बीच घिरे हुए हैं। इससे परिवारों में डर का माहौल रहा।
