कानपुर रेलवे स्टेशन पर मिली थी आखरी लोकेशन
फेरी वालों से पूछताछ करेगी पुलिस
आगरा। लखनऊ के होटल में चार बेटियों और पत्नी की हत्या करने के बाद फरार बदर की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। बदर की अंतिम लोकेशन 1 जनवरी को कानपुर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। बदर ने वहां रेलवे स्टेशन के पास एक एटीएम से रुपये निकाले थे। पुलिस उसको आगरा और दिल्ली में तलाश कर रही है।
आशंका है कि रकम निकालने के बाद मोहम्मद बदर कानपुर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर आगरा या दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। जिसका कारण दोनों शहरों के बारे में उसकी अच्छी जानकारी होना है। लखनऊ पुलिस को बदर के आगरा में छिपे होने की आशंका है। लखनऊ पुलिस ने शनिवार को जगदीशपुरा और जीवनी मंडी में भी कई लोगों से संपर्क किया मगर कोई सुराग नहीं मिल सका। लखनऊ पुलिस के दरोगा अरविंद कुमार तिवारी, सुशील कुमार भी शुक्रवार को आगरा पहुंचे थे।
कपड़ों की फेरी लगाने वाली बस्तियों में भी गई पुलिस : इस्लाम नगर की मीट वाली गली में 150 से अधिक मकान हैं। बदर और अरशद जिस गली में रहते थे, वहां पर अधिकांश परिवार कपड़ों की फेरी लगाने का काम करते हैं। वह गुजरात, दिल्ली आदि राज्यों से साड़ियां लेकर आते हैं।
ट्रांस यमुना थाना और लखनऊ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि अधिकांश ने फेरी के लिए इलाके बांट रखे हैं। बदर और अरशद छत्ता और जगदीशपुरा इलाके में फेरी लगाने जाते थे। वहां कई लोग उनके संपर्क में थे। लखनऊ पुलिस ने शनिवार को छत्ता के जीवनी मंडी और जगदीशपुरा व लोहामंडी क्षेत्र की खाक छानी।
पूरन का बेटा जितेंद्र आया था बदर के घर
इस्लाम नगर में 18 दिसंबर की रात आस्मां अपनी दोनों बेटियों व एक युवक के साथ मकान से सामान निकालने आई थीं। शनिवार को पुलिस ने उसका पता खोज निकाला। वह गांव पोइया खंदौली के पूरन का बेटा जितेंद्र था। शनिवार को लखनऊ पुलिस गांव पोइया पूरन से पूछताछ करने पहुंची। पूरन ने पुलिस को बताया कि उसकी और बदर की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। दोनों सिलाई का काम करते थे। आगरा आने के बाद भी बदर से उसकी बातचीत होती थी। वह 18 दिसंबर को उनके पास आया था। कहा था कि बस्ती वालों से उसका झगड़ा हो गया है, पूरी बस्ती उसके विरुद्ध है। बाहर जाने की बताते हुए जरूरी सामान निकलवाने में मदद मांगी थी। जिस पर उन्होंने अपने बेटे जितेंद्र को भेजा था। आस्मां वहां से तीन बैग में कपड़े आदि निकालकर ले गई थीं।
धर्म परिवर्तन के शक में हिन्दूवादियों से पूछताछ
आगरा। लखनऊ के होटल में हुए सामूहिक हत्याकांड के मामले में टेढ़ी बगिया के इस्लाम नगर में जांच करने आई लखनऊ पुलिस की टीम ने शनिवार को भी 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की। अरशद व बदरुद्दीन ने धर्म परिवर्तन लखनऊ पुलिस ने की व घर में मंदिर बनाने संबंधी पत्र लिखा है, उसकी भाषा की पूछताछ मजदूरी करने वाले व्यक्ति की नहीं हो सकती है। ऐसे में पुलिस ने टेढ़ी बगिया के बजरंग दल व विहिप से जुड़े युवकों से लंबी पूछताछ की गई। कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
टीम से जुड़े पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अरशद व बदर ने धर्म परिवर्तन संबंधी जो पत्र लिखा है, उसकी भाषा से प्रतीत होता है कि वह किसी हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता से जुड़े हुए थे। ऐसे में पुलिस ने बजरंग दल, विहिप के कार्यकतार्ओं से पुलिस चौकी में लंबी पूछताछ की। दोनों आरोपियों के मोबाइलों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। यह परिवार 18 दिसंबर को आगरा से अजमेर व लखनऊ गया था। इस दौरान उनका किन लोगों से संपर्क हुआ। कितने लोगों से बातचीत होती थी, यह पता लगाया जा रहा है। लखनऊ की पुलिस टीम ने बदरुद्दीन के मकान के एक हिस्से को खरीदने वाले अलीम से भी कई घंटे तक पूछताछ की। थाना एत्माद्दौला के इंस्पेक्टर का कहना है कि आगरा की पुलिस लखनऊ से आई टीम की मदद कर रही है। हालांकि उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की है।
