आगरा। नकली घी बनाने वालों की तलाश मे पुलिस ने ग्वालियर में डेरा डाल रखा है। आरोपी घर खाली कर फरार हो गये है। हाईटेक पुलिस हर बार ग्राउंड नेटवर्क में फेल साबित क्यों हो जाती है। स्थानीय लोग पुलिस को कोई सूचना क्यों नहीं देते। जबकि पुलिस आम लोगों से अपना व्यवहार सुधारने में लगी है।
दवा माफिया विजय गोयल शास्त्रीपुरम में नकली दवा बनाने की चला था। इससे पहले उसकी फैक्ट्री चला रहा था। वह जब से जमानत पर छूटा था। पुलिस को उसकी फैक्ट्री की भनक तक नहीं लगी थी। एएनटीएफ ने फैक्ट्री पकड़ी थी। करोड़ों का कच्चा माल मिला था। उस समय यह तय हुआ था कि थाना स्तर पर फैक्ट्रियों के सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने धरातल पर कोई काम नहीं किया। पिछले एक साल से ताजगंज में शमसाबाद मार्ग से सटे मारुति सिटी रोड पर नकली घी फैक्ट्री चल रही थी। थाना पुलिस इस फैक्ट्री से बेखबर थी। एसओजी को फैक्ट्री के बारे में जानकारी मिली थी। उसके बाद छापेमारी हुई थी। मुकदमे में ग्वालियर निवासी बृजेश अग्रवाल, पंकज अग्रवाल व नीरज अग्रवाल नामजद हैं। तीनों फरार हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत करेंगे कार्रवाई
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि आरोपियों की आराम से जमानत नहीं होगी। इस मामले में पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। संपत्ति जब्त की जाएगी। पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। गिरफ्तार आरोपियों के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है। मैनेजर ने बयानों में फैक्ट्री के असली मालिकों के बारे में जानकारी दी है। तीनों मालिकों की कॉल डिटेल भी निकालवाई गई है। फैक्ट्री के मैनेजर से उनके संबंध डिजिटल तरीके से भी साबित किए जाएंगे।
