गृहमंत्री शाह का सुरक्षा एजेंसियों को फरमान, हर शख्स को खोज निकालेगी खुफिया तंत्र
आईबी और एनआईए के अफसर रहे मौजूद
एनआईए की टीम ने प्रारंभ की जांच
नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि दिल्ली ब्लास्ट दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वह कभी छिपे हो सुरक्षा एजेंसियां खोज लेंगी। हर दोषी को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होनें विस्फोट के बाद जांच और सुरक्षा एजेंसी प्रमुखों के साथ 12 घंटे की प्रगति क समीक्षा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को दो अलग-अलग बैठकें कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। पहली बैठक सुबह और दूसरी अपरांहन एक बजे बुलाई गई।
सूत्रों के अनुसार पहली बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और एनआईए के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते मौजूद रहे, जबकि जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
अपरांहन एक बजे की बैठक में भी उक्त अधिकारी मौजूद थे। दोनों बैठकों में ब्लास्ट के बाद के हालात, विस्फोट की गंभीरता की जांच एनआईए को सौंप गई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट को आतंकी हमला माना है।
मृतक संख्या हुई 12
एनआईए के अनुसार विस्फोट में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं विस्फोट के बाद आगजनी से 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और हमले में आधा दर्जन वाहन भी जलकर खाक हो गए हैं।
जांच एजेंसियों सुबह से पहुंची
लाल किले मैदान पर सोमवार को धमाके के बाद मंगलवार सुबह से सभी सुरक्षा एजेंसीयों ने जांच पड़ताल प्रारंभ की। जांच में फॉरेंसिक और एनएसजी कमांडो और अन्य एजेंसियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अवशेष एकत्रित किए।
आॅपरेशन सिंदूर पार्ट-2 के संकेत!
नई दिल्ली। लाल किले कार ब्लास्ट ने देश को एक बार फिर दहला दिया है। धमाके के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या आॅपरेशन सिंदूर का दूसरा चरण शुरू होने वाला है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री के बयान और बुधवार को सुरक्षा मामलों की संसदीय बैठक का बुलाना इस ओर इशारा कर रहा है। लालकिला विस्फोट में भले ही जांच एजेंसियां पाकिस्तान का नाम नहीं ले रही हैं, लेकिन समूचा घटनाक्रम उसी ओर इंगित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भूटान से लाल किला ब्लास्ट पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा षड्यंत्र के पीछे जो भी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमारी एजेंसियां साजिश की जड़ तक जाएंगी फिलहाल। कुछ ऐसा ही बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का है।
सूत्रों का कहना है कि लाल किले ब्लास्ट में प्रयुक्त कार के मालिक कई बार बदले गए। इतना ही नहीं धमाके में आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। जांच में लश्कर या जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने पर भारत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एक और जवाबी कार्रवाई कर सकता है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश के अंदर कोई भी आतंकी हमला अब एक्ट आॅफ वॉर माना जाएगा। आॅपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।
विस्फोट के फरीदाबाद और लखनऊ से कनेक्शन
लखनऊ/ नई दिल्ली। लाल किला धमाके और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की जांच की आंच लखनऊ तक पहुंच गई है। यूपी एटीएस को जांच में लखनऊ निवासी डॉ. परवेज अंसारी से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। बताया जाता है कि परवेज के घर के बाहर खड़ी कार शोएब के नाम पर दर्ज थी, यह कार सहारनपुर आरटीओ से रजिस्टर्ड है। एटीएस के मुताबिक जांच में दो संदिग्ध कारें सामने आई हैं। दोनों का रजिस्ट्रेशन सहारनपुर का है। इसी सुराग के आधार पर एटीएस की टीम लखनऊ पहुंची और पूछताछ की। टीम ने लालबाग इलाके में छापा मारा और परिवार से पूछताछ की। परवेज फिलहाल फरार है। इन गाड़ियों का सीधा संबंध परवेज अंसारी है। इससे पहले फरीदाबाद मॉड्यूल में गिरफ्तार डॉ. आदिल भी सहारनपुर का रहने वाला था। अब एक ही जिले से दो संदिग्ध डॉक्टरों के नाम आने पर जांच का दायरा बढ़ गया है।
