डीसीपी को तहरीर देने की तैयारी में पीड़ित परिवार
थानेदार-दरोगा और सिपाही का निलंबन, एसीपी को भी हटाया
आगरा। किरावली पुलिस ने गांव करहरा में सेवानिवृत्त फौजी की हत्या के खुलासे में जुर्म कबूल करने के लिए बेरहमी से पीटा। उसे उल्टा लटकाकर उस पर पांच डंडे तोड़ दिये। पुलिस उसे बेहोश होने तक मारती रही। बेहोश होने पर पुलिस के हाथ पैर फूल गये। पुलिस उसे अस्पताल लेकर आई। हालत खराब होने पर भी पुलिस का दिल नहीं पसीजा। यहां भी पुलिस सिर्फ अपने बचाव में उसे तरह तरह के प्रलोभन देने लगी। मामला प्रकाश में आने में थाना पुलिस ने अपने अधिकारियों को भी गुमराह किया। इसके बाद डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूछताछ के बाद किरावली थाना प्रभारी नीरज सिंह, दरोगा धर्मवीर और सिपाही रवि मलिक को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। वहीं एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता को हटा दिया गया। पुलिस की कार्यवही से परिजन सहमत नहीं है। परिवार की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाही हो।
किरावली के गांव करहरा में पांच अगस्त को सेवानिवृत्त फौजी बलवीर सिंह की हत्या हुई थी। चार महीने बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका है। खुलासे में कई टीमें लगी हैं। भाजपा नेता संजय शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को उनके चचेरे भाई सत्यप्रकाश को पुलिस ने थाने बुलाया। पूछताछ के लिए थाने में ही बैठा लिया। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री से बात की। केंद्रीय राज्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से बात की। रविवार शाम चार बजे पुलिस ने फोन कर सत्यप्रकाश के छोटे भाई राजू (42) को थाने बुलाया। पुलिस ने शक के आधार पर राजू से पूछताछ शुरू कर दी। परिजन का आरोप है कि रात करीब 8 बजे एसआई धर्मवीर और सिपाही रवि राजू को थाने की छत पर ले गए। उसे उल्टा लटकाकर पैरों पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उस पर हत्यारोपी का नाम बताने के लिए दबाव बना रहे थे मगर उसने जानकारी से इन्कार कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों की पिटाई से राजू बेहोश हो गया। यह देखकर पुलिसकर्मी घबरा गए। थाने के पिछले दरवाजे से उसे गाड़ी में डालकर किरावली अस्पताल ले गए। वहीं बेटे को थाने से छुड़ाने के लिए पिता राधेश्याम और चाचा सियाराम भी थाने पहुंच गए। मगर पुलिसकर्मियों ने मिलने नहीं दिया। रात 9 बजे कहा कि थोड़ी देर में राजू को घर भेज दिया जाएगा। उनके साथ सत्यप्रकाश को भेज दिया। रविवार रात दो बजे तक राजू के घर नहीं पहुंचने पर परिजन ने थानेदार से बात की। उन्होंने कहा कि अभी वह किरावली अस्पताल में भर्ती है। सोमवार सुबह छुट्टी हो जाएगी। परिजन सोमवार सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचे। तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। राजू ने उन्हें आपबीती बताई। इसके बाद परिजन और रिश्तेदारों ने हंगामा कर दिया। मानवाधिकार उल्लंघन के मामले को पहले रफा-दफा करने का प्रयास किया गया लेकिन ऐसा हुआ नहीं। डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने बताया कि मामले में जांच की गई। राजू के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है। शिकायत पर जांच कराई गई है। एसओ नीरज सिंह, एसआई धर्मवीर और सिपाही रवि को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। वहीं एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उन्हें एसीपी अछनेरा से हटाकर एसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। उनके स्थान पर शैलेंद्र कुमार को भेजा गया है। वहीं यूपी 112 के प्रभारी सत्यवीर को एसओ किरावली बनाया गया है।
डीसीपी को भी गुमराह करते रहे पुलिसकर्मी
थाना पुलिस ने डीसीपी पश्चिम जोन अतुल शर्मा को भी गुमराह किया। सोमवार शाम को मामला चर्चा में आया था। इस पर डीसीपी ने एसओ को फोन किया। उन्होंने डीसीपी को बताया कि पैर में डंडा लग गया है। इससे एक अंगुली में चोट लगी है। उपचार करा दिया है। इस पर डीसीपी ने एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता को भेजा। उन्होंने भी थाने में पुलिसकर्मियों से बात की मगर पीड़ित से बात करना उचित नहीं समझा। उन्होंने डीसीपी को भी वही बता दिया। डीसीपी को दोनों की बातों पर विश्वास नहीं हुआ। वह खुद अस्पताल पहुंचे। इसके बाद एक्सरे की रिपोर्ट देखी। इसमें पैरों में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने थाने के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। साथ ही रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को दी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने एसीपी को हटा दिया।
कानूनी कार्यवाही की मांग
पुलिसकर्मियों के निलंबन और विभागीय कार्यवाही से पीड़ित के परिजन और परिचित खुश नही है। आरोप है कि पुलिस दो लोगों में मारपीट की घटना में शांति भंग और मुकदमें की कार्रवाही करती है। पुलिस जब फंसती है तो विभागीय कार्रवाई कर बचाव किया जाता है। कुछ दिन बाद वह फिर ड्यूटी ज्वाइन कर लेते है। पुलिस आम लोगों की तरह दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करे। डीसीपी साहब को आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के लिए तहरीर दी जायेगी।
