ताजनगरी में नशीला कफ सिरप सिंडिकेट का ‘किंग’
जौनपुर गैंग के आगरा में एजेंट थे ‘आहूजा बंधु’
पुलिस और ड्रग विभाग की चुप्पी से उठी अंगुली
आगरा। ताजनगरी में दो साल पूर्व नशीले कफ सिरप कांड का खुलासा हुआ था। लाखों का नशीले कफ सिरप पकड़े जाने पर कोलकाता पुलिस ने आगरा के जयपुर हाउस निवासी देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू को गिरफ्तार कर ले गई थी। कोलकाता हाईकोर्ट ने जमानत मिलने के बाद चिंटू ने ठिकाना बदलकर साथियों के काले कारोबार में जुट गया। राजनीतिक संरक्षण और सत्ताधारियों से सांठगांठ के चलते सरकारी तंत्र और ड्रग विभाग ने चिंटू की ओर से आंखें मूद ली। सूत्रों का कहना है कि जयसवाल गैंग पर पुलिस, एसटीएफ और ईडी के शिकंजा कसने के साथ चिंटू साथियों समेत अंडरग्राउंड हो गया है।
नशीले कफ सिरप कांड का जनक आगरा रहा है। सूत्रों के अनुसार बीते पांच से आगरा दवा बाजार नकली और नशीली दवा आपूर्ति का सुरक्षित ठिकाना था। ताजनगरी के तीन दर्जन से अधिक ठिकानों पर देश भर की पुलिस ने छापेमारी की। 100 से अधिक काले दवा कारोबारियों को दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और कोलकाता पुलिस गिरफ्तार कर ले गई। इन छापेमारी में आगरा से 150 करोड़ से अधिक की नकली और नशीली दवाएं बरामद हो चुकी है। इसके बाद स्थानीय ड्रग विभाग, पुलिस और शासन की नींद नहीं टूटी। सूत्रों के अनुसार दो साल पहले तक नशीले कफ सिरप सिंडिकेट आगरा था। बताया जाता है कि देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू उस समय शुभम जयसवाल गैंग के साथ मिलकर काले कारोबार की आपूर्ति करता था।
कोलकाता में लाखों का माल पकड़े जाने, पुलिस और ड्रग विभाग की नजर में आने के बाद देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू के स्थान पर गुमनाम व्यक्ति को खड़ा किया गया।
जमानत मिलने के बाद सिर्फ बदला ठिकाना
नशीले कफ सिरप कांड में पकड़े गए देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू को महीनों बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने जमानत मिली। चिंटू गुपचुप आगरा आया और गिरोह के सदस्यों को एकत्रित करने के बाद ठिकाना बदल कर नशीले कारोबार में जुट गया। नशीले कफ सिरप कांड के खुलासे के बाद भी ड्रग विभाग, पुलिस और शासन की नजर से देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू दूर है। सूत्रों का कहना है कि सत्तासीन आकाओं के इशारे पर पुलिस ड्रग विभाग और पुलिस ने चिंटू को क्लीन चिट प्रदान कर दी है। हाल ही में नशीले कफ सिरप कांड के खुलासे के बाद चिंटू और उसके कारखास अंडरग्राउंड हो गए हैं।
पांच हजार की नौकरी से जुटाई करोड़ों की संपत्ति
आगरा। दवा कारोबारियों की माने तो एक दशक पूर्व देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू दवा की एक दुकान पर पांच हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करता था। दवा दुकान में काम करते समय चिंटू का पूर्वांचल के माफियाओं से मुलाकात हुुई। इसके बाद चिंटू नकली और नशीले कफ सिरप गैंग का सदस्य बन गया। चंद सालों में चिंटू ने शहर की पॉश कॉलोनी जयपुर हाउस समेत अन्य इलाकों में बेशकीमती जमीनों को खरीदा। सात साल में पांच हजार की नौकरी करने वाले चिंटू ने150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटा ली है। उसके गिरोह में कई सफेदपोश भी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि चिंटू उर्फ देवेंद्र आहूजा बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में नशीले कफ सिरप की आपूर्ति करता था। दो साल पूर्व कोलकाता के 24 परगना में 5000 नशीले कफ सिरप शीशियां पकड़े जाने पर देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू कोलकाता पुलिस और ड्रग विभाग के रिकार्ड में आया। कोलकाता पुलिस ने रेकी करने के बाद चिंटू को जयपुर हाउस स्थित आवास से हिरासत में लिया और न्यायिक कार्रवाई के बाद कोलकाता ले गई।
