1720 मीटर लंबी चादर की झलक और अकीदत को उमड़ पड़े लोग
आगरा। शाहजहां के 371वें उर्स में शनिवार को ताजमहल एक बार फिर गंगाझ्रजमुनी तहजीब और सर्वधर्म सद्भाव का साक्षी बना। खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी की ओर से सर्वधर्म समभाव की प्रतीक 1720 मीटर लंबी सतरंगी चादर दक्षिणी गेट स्थित हनुमान मंदिर से धर्मगुरुओं की मौजूदगी में जुलूस के रूप में ताजमहल लाई गई। चादर को मुख्य मकबरे के तहखाने में स्थित शाहजहां और मुमताज महल की कब्रों पर पेश किया गया।
उर्स के अवसर पर इस वर्ष चादर की लंबाई में बढ़ोतरी की गई। पिछले वर्ष 1640 मीटर की चादर चढ़ाई गई थी। जबकि इस बार 80 मीटर अधिक लंबी सतरंगी चादर पेश की गई। उर्स के चलते ताजमहल में निशुल्क प्रवेश होने से देशझ्रविदेश से आए जायरीन और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी।
इससे पहले शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी के कारण ताजमहल सुबह बंद रहा। दोपहर 12.30 बजे नमाज के लिए ताजमहल खोला गया। दोपहर करीब दो बजे उर्स कमेटी के सदस्य संदल-चंदन बुरादा, गुलाबजल, केवड़ा, इत्र और दूध के मिश्रण-फूलों की चादर और तबर्रुख की डलिया लेकर मुख्य मकबरे तक पहुंचे। रॉयल गेट पर शहनाई की गूंज के बीच तहखाना खोला गया। जहां शाहजहां की कब्र पर संदल का लेप किया गया। और फूलों की चादर चढ़ाई गई। इसके बाद मुख्य मकबरे में कव्वाली गूंजी, जिससे माहौल सूफियाना रंग में रंग गया। उर्स के तीनों दिन ताजमहल परिसर में आस्था, श्रद्धा और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बिछड़ों को मिलाती रही ताज सुरक्षा पुलिस
उर्स के अंतिम दिन शनीवार को अत्यधिक भीड़ के कारण ताजमहल परिसर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के गुम होने की घटनाएं सामने आईं। राहत की बात यह रही कि ताज सुरक्षा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया। पहले दिन- तीन दर्जन से अधिक बच्चे बिछड़े, दूसरे दिन- 52 से अधिक बच्चे व बुजुर्ग गुम, तीसरे दिन- 28 से अधिक लोग भीड़ में खोए इन सभी के परिजन परेशान इधर से उधर भटकते हुए ताज-सुरक्षा पुलिस टीम को मिले, तत्काल कार्रवाई करते हुए ताज-सुरक्षा पुलिस ने सभी के खुशियां वापस लौटने का काम किया। ताज सुरक्षा पुलिस की सतर्कता और मानवीय प्रयासों से सभी को सकुशल उनके परिवारों से मिलाया गया जिससे उर्स के दौरान बड़ी राहत मिली। ताज-सुरक्षा प्रभारी निरक्षक तिलकराम भाटी, शिवराज सिंह, पंकज पटेल ने अपनी टीम के साथ कड़ी मेहनत की।
