चर्च में आस्था, बाजारों में उत्सव
आस्था, उल्लास और भाईचारा
यीशु जन्मोत्सव को लेकर शहर उत्सवमय
राशिद हुसैन/जनसंदेश टाइम्स
आगरा। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव क्रिसमस के आगमन में अब गिनती के दिन शेष हैं। और ताजनगरी पूरी तरह उत्सव के रंग में रंग चुकी है। चर्चों की घंटियों, रंग-बिरंगी रोशनी, सजी झांकियों और बाजारों की चहल-पहल ने शहर को खास बना दिया है। मसीही समाज ही नहीं, बल्कि हर वर्ग में क्रिसमस को लेकर उत्साह साफ झलक रहा है। आस्था, प्रेम और शांति के संदेश के साथ आगरा एक बार फिर गवाह बन रहा है उस सांझी संस्कृति का, जहां हर धर्म का उत्सव सबका उत्सव बन जाता है।
शहर के प्रमुख गिरजाघरों- प्रतापपुरा स्थित चर्च, संजय प्लेस सेंट पीटर चर्च, एमजी रोड बेप्टिस चर्च समेत अन्य चर्च में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। चर्च परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन अंतिम चरण में है। रंगीन लाइटें, सितारे, क्रिसमस ट्री और प्रभु यीशु के जन्म को दशार्ती चरनियां चर्चों की शोभा बढ़ा रही हैं। शाम ढलते ही झिलमिलाती रोशनी श्रद्धालुओं को स्वत: अपनी ओर खींच लेती है।
सेंट पीटर्स में कार्यक्रमों की धूम
क्रिसमस पर मध्यरात्रि विशेष प्रार्थना, प्रभु यीशु के जन्म का संदेश, बच्चों द्वारा नाट्य प्रस्तुति और कैरोल गायन सेंट पीटर चर्च का मुख्य आकर्षण रहेगा। फादर द्वारा प्रेम, क्षमा और भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। चर्च प्रबंधन के अनुसार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकें। दुकानदारों के अनुसार इस बार स्नोमैन और म्यूजिकल सांता की सबसे ज्यादा मांग है। बटन दबाते ही हैप्पी क्रिसमस बोलने वाले सांता बच्चों के पसंदीदा बने हुए हैं। वहीं बेकरियों में प्लम केक, चॉकलेट, वनीला और फ्रूटी केक की खुशबू माहौल को और मीठा बना रही है। दुकानदारों का कहना है कि अभी भीड़ और बढ़ेगी।
तीन लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना
इस बार शहर के सबसे बड़े और पुराने ऐतिहासिक सेंट पीटर चर्च के ठीक सामने करीब 10 फीट लंबी और 20 फीट चौड़ी विशाल बाइबल का मॉडल तैयार किया गया है। यह प्रतीक श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चर्च परिसर में बाइबल और प्रभु यीशु मसीह के जीवन पर आधारित विशेष एग्जिबिशन भी लगाई गई है। इसमें चित्रों, संदेशों और प्रतीकों के माध्यम से प्रभु यीशु के उपदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। ताकि हर वर्ग के लोग उन्हें समझ सकें। प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए हम पिछले पंद्रह दिनों से लगातार तैयारियों में लगे हैं। इस बार बाइबल थीम इसलिए रखी गई है। ताकि समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश और गहराई से पहुंचे।
उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च-अकबर चर्च
आगरा की पहचान सिर्फ ताजमहल नहीं, बल्कि यहां स्थित सेंट पीटर में मौजूद अकबर चर्च भी है। जिसे उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार मुगल सम्राट अकबर के काल में इस चर्च की स्थापना हुई थी। यह चर्च न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है। बल्कि भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। हर वर्ष क्रिसमस पर यहां देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष प्रार्थना, कैंडल लाइट सर्विस और भव्य चरनी इस चर्च को अलग पहचान देती है। इस बार भी सेंट पीटर चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं, कैरोल सिंगिंग और शांति संदेश कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
-प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए हम पिछले पंद्रह दिनों से लगातार तैयारियों में लगे हैं। इस बार बाइबल थीम इसलिए रखी गई है। ताकि समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश और गहराई से पहुंचे। -फादर राजन दास-सेंट पीटर
-24 दिसंबर की रात को विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। 25 दिसंबर की सुबह से चर्च श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इस वर्ष दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जिसे देखते हुए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। -फादर आशीष, सेंट पीटर
