आगजनी-पथराव में 30 पुलिसकर्मी घायल, 70 दंगाई हिरासत में
नई दिल्ली। औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए विवाद के बाद सोमवार को नागपुर में दो समुदायों की भिड़त के बाद भड़की हिंसा ने शहर के कई और इलाकों को चपेट में ले लिया। महाल के बाद देर रात हंसपुरी में भी हिंसा हुई। अज्ञात लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान जमकर पथराव किया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस दागकर उपद्रवियों को खदेड़ा। हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। हिंसा में एक डीएसपी समेत करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हैं। डीएसपी पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। भीड़ ने ढाई दर्जन बाइकें और तीन कारें फूंक दीं। इसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने 70 दंगाइयों को हिरासत में लिया है।
यह हिंसा सम्भाजी नगर में औरंगजेब के मकबरे को लेकर विवाद के बीच हुई। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मकबरे को ध्वस्त करने की मांग को लेकर कल दोपहर नागपुर में भी प्रदर्शन किया था। इसी को लेकर सबसे पहले महाल इलाके के चिटनिस पार्क के पास शाम 7.30 बजे हिंसा भड़की। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने बताया कि हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित यही इलाका है। यहां उपद्रवियों ने कुछ गाड़ियों में आग लगा दी। कुछ लोगों के घरों पर भी पत्थर फेंके गए। इसके बाद रात 10.30 से 11.30 के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में एक और झड़प हुई। भीड़ ने कई गाड़ियों को जला दिया।
दंगाइयों ने डीसीपी निकेतन कदम पर भी हमला कर दिया। भीड़ में शामिल एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई है। कदम को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिस जगह हिंसा हुई वहां के लोगों ने बताया कि लगभग 200 से 300 लोगों की भीड़ अचानक आई और उन्होंने घरों को निशाना बनाकर पथराव किया। इलाके में खड़ी गाड़ियों को तोड़ा गया, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे और कुछ के पास पेट्रोल बम भी थे। स्थानीय निवासी ने बताया, हमने आज तक ऐसी घटना नहीं देखी। हमारे घरों की खिड़कियों पर पत्थर बरसाए गए। भीड़ में कोई भी स्थानीय नहीं था। एक वृद्ध महिला की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
बहरहाल, पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। हालात को देखते हुए आज स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। डीसीपी (ट्रैफिक) अर्चित चांडक ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल प्रयोग किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।
अपराधियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने आश्वस्त किया है कि हालात नियंत्रण में हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
