नशीले कफ सिरप का बादशाह बन गया था ‘चिंटू’
बंगाल के मालदा से डेढ़ साल बाद मिली थी जमानत
प्रभावशाली अफसरों से साठगांठ से बच रहा सरगना
आगरा। नशीले कफ सिरप कांड में चर्चित दवा माफिया देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू को ड्रग विभाग, पुलिस और सरकारी तंत्र भूल गया है। पुडुचेरी गैंग नशीले कफ सिरप की सप्लाई उत्तर प्रदेश में दागी दवा माफिया चिंटू उर्फ देवेंद्र आहूजा को देता था। चिंटू सहयोगियों की मदद से नशीले कफ सिरप बिहार, बंगाल, राजस्थान और बांग्लादेश में सप्लाई करता था। इसी माल को चिंटू के माध्यम से पर्वांचल गैंग को भेजा जाता था।
पुडुचेरी कोडिन कफ सिरप से आगरा के तार जुड़ने के बाद ड्रग विभाग और एसटीएफ नकली और नशीले दवा माफियाओं का खाका तैयार कर रही है। इस लिस्ट में देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू रडार पर आ गया है। सूत्रों के अनुसार पुडुचेरी गैंग आगरा में देवेंद्र को माल की आपूर्ति देता था। चिंटू के गुर्गे पुडुचेरी से आने वाले नशीले कफ सिरप को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बिहार,पश्चिम बंगाल और बांगलादेश तक सप्लाई करते थे। जांच टीम अवैध कोडिन कफ सिरप मामले में परिवहन और तस्कर गैंग की गोपनीय जांच कर रही है।
बताया जाता है कि पुडुचेरी से आगरा पुलिस नशीले कफ सिरप सरगना वेल्लियाप्पन उर्फ ‘राजा’ को गिरफ्तार कर लाई और कोर्ट के आदेश पर राजा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब जांच टीमें आगरा और उत्तर प्रदेश से जुड़े सरगनाओं को खंगाल रही है।
साठगांठ कर छोटी मछलियों को लगाया ठिकाने
बीते एक दशक पूर्व मेडिकल स्टोर पर 5000 रुपये की नौकरी करने वाले देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू ने नशीले कफ सिरप के काले कारोबार सु जुड़ा था। पूर्वांचल गिरोह का संरक्षण और पुडुचेरी के राजा गैंग से माल आपूर्ति मिलने के बाद चिंटू नशीले कारोबार का एक मात्र बादशाह बन गया। चिंटू ने दवा बाजार में छोटे नशीले कफ सिरप बेचने वालों को ठिकाने लगा दिया। पुलिस और स्थानीय ड्रग अफसरों से सांठगांठ कर अमित चौड़ा, अमित तिलकधारी समेत आधा दर्जन को जेल भिजवा कर नशीले कफ सिरप कारोबार का बादशाह बन गया। सूत्रों के अनुसार देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू ने अपने गुर्गे के नाम से तथाकथित संतोषी फार्मा, नीलकंठ फार्मा फर्म खोली। इसी फर्म के माध्यम से पुडुचेरी से माल मंगा कर बाजार में सप्लाई किया। ड्रग लाइसेंस और फर्जी फर्म पर एक से दो साल कारोबार करने बाद चिंटू दूसरी, तीसरी और चौर्थी फर्जी फर्म का पंजीकरण करा कर नशीले कफ सिरप कारोबार का किंग बन गया।
गैंग के एक सदस्य की संदिग्ध मौत का गवाह
यूपी, एनसीआर और पूर्वांचल में नशीले कफ सिरप माफियाओं के देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू के पकड़े जाने के बाद विवाद होने लगा। पश्चिम बंगाल से जमानत पर रिहा होने के बाद चिंंटू और पूर्वांचल गैंग की दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में महफिल जमी। इस महफिल में आगरा से जयसवाल बंधुओं के साथ जीएस मेडिकल के गौरव और सौरभ भाई भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार होटल में माफियाओं की दावत में तकरार और टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच जीएस मेडिकल के एक स्वामी की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। बताया जाता है कि चिंटू की मुखबिर के संदेह में दवा कारोबारी को चाय में जहर दिया गया था। मामला काले कारोबारी और दबंगों से जुड़ा होने के कारण रफा-दफा कर दिया और कारोबारी की मौत को हार्टअटैक नाम दिया गया।
