आरोपियों से पुलिस ने कार, मोबाइल फोन, चेक बुक, पैन कार्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड किये बरामद
आगरा। सीबीआई, ईडी का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के दो साइबर शातिरों को पुलिस ने दबोचा है। इन्हें साइबर क्राइम पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने कार, मोबाइल फोन, चेक बुक, पेन कार्ड, डेबिट और क्रेडिट कार्ड बरामद किए है। ठगी की 80 हजार रुपए धनराशि को पीड़िता के खाते में वापस कराया गया है। दोनों आरोपियों के खातों को फ्रीज कराया गया। इनमें एक आरोपी निजी बैंक में मैनेजर है। दोनों कोटा के रहने वाले हैं। आरोपियों का जाल कंबोडिया और वियतनाम जैसे देशों तक फैला हुआ है।
खंदारी क्षेत्र के जूता कारोबारी की 80 वर्षीय पत्नी से 2.80 लाख रुपये वसूले गए थे। उन्हें ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में जेल भेजने की धमकी देकर 4 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया गया था। इनके पास मोबाइल पर 16 जनवरी को कॉल आई थी। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया था।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि जांच में सामने आया कि रकम रेलवे कॉलोनी, नया वार्ड 45 थाना रेलवे कॉलोनी कोटा निवासी आरिफ खान के खाते में गई थी। साइबर सेल ने आरिफ और उसके साथी दिव्यांश को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना भीलवाड़ा में रहता है। आरिफ एजेंट है। उसने अपने नाम से खाता खुलवाया था। साइबर अपराधी जो रकम लेते थे, वह उसमें से 10 प्रतिशत हिस्सा लेता था। दिव्यांग गहलोत एक स्माल फाइनेंस बैंक में काम करता है। आरिफ का खाता उसने खुलवाया था।
विदेश से फैला रहे जाल
साइबर ठग विदेश में बैठकर जाल फैला रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट ही नहीं अन्य तरीके भी अपनाते हैं। खातों में रकम जमा कराने के बाद आॅनलाइन ही ट्रांसफर की जाती है। खातों में रकम लेने के लिए एजेंट बनाए जाते हैं। एजेंट का काम सिर्फ यही होता है कि वह खाते खुलवाए। इसके बाद एटीएम कार्ड सहित अन्य जानकारी ठगों को दे दें। एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह ने बताया गिरोह के सरगना कंबोडिया, वियतनाम आदि देशों से सक्रिय हैं। आरोपी आरिफ के खाते में नौ लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे। यह रकम अन्य लोगों से ठगी करके ली गई थी। इसमें 80 हजार रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। आरोपियों से कार, आठ डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड, पैनकार्ड, चेकबुक बरामद की गई है।
