आगरा। वर्षा को इश्क के जाल में फंसाकर फईम ने जोया बना दिया था। निकाह के बाद इश्क हवा हो गया था। दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जाता था। वर्षा और उसके परिजनों का दर्द भी केरला स्टोरी फिल्म में जैसा दिखाया गया उससे कम नहीं था। वर्षा की मौत के बाद परिजनों ने यही आरोप लगाए थे। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मुख्य आरोपित फईम कुरैशी को दहेज हत्या में 10 साल की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये जुमार्ना भी लगाया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने आदि आरोपों में बरी कर दिया है।
शाहगंज निवासी दुष्यंत सिंह ने शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 12 नवंबर 2021 को शाहगंज क्षेत्र के चिल्लीपाड़ा इलाके में वर्षा की मौत के बाद बवाल हुआ था।
ससुराल में उसकी लाश मिली थी। ससुरालीजन फरार हो गए थे। भाई ने आरोप लगाया था कि डेढ़ साल पहले उसकी बहन वर्षा को आरोपित फईम कुरैशी प्रेम जाल में फंसाकर अपने साथ ले गया था। उसने बहन से शादी कर ली थी। शादी के बाद बहन का उत्पीड़न किया जाता था। उससे मीट कटवाया जाता था। जबकि बहन शाकाहारी थी। बहन को प्रताड़ित किया जाता था।
उसे नौकरानी की तरह रखा गया था। धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई जाती थीं। दहेज में कार और पांच लाख रुपये की मांग की जाती थी। मुकदमे में फईम कुरैशी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। आरोपित फईम कुरैशी व अन्य को पुलिस ने जेल भेजा था।
नौ गवाह किए गए पेश
कोर्ट में अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। इसमें वादी, विवेचक, चिकित्सक आदि शामिल हैं। कोर्ट में अभियोजन की ओर से एडीजीसी संतोष कुमार भाटी, एसपी भारद्वाज एवं वादी के अधिवक्ता जगदीश कुमार ने अहम साक्ष्य पेश किए। तर्क दिया कि आरोपित का अपराध गंभीर प्रकृति का है। कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
वादी हाईकोर्ट जाएगा
वादी दुष्यंत सिंह का कहना है कि आरोपित को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित अन्य आरोपों में बरी किया गया है। वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर करेगा। कोर्ट में अपना पक्ष और मजबूती से रखेगा।
