सेंटर से किट, मशीनें, दवाएं, डिलीवरी टेबल बरामद हुई
बिना पंजीकरण के चल रहा था मेडिकल स्टोर
आगरा। शाहगंज थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने एक घर में अवैध गर्भपात की सूचना पर छापेमारी की। घर में गर्भपात कराने के उपकरण, मशीनें मिलीं। संचालिका फरार हो गई थी। इसके पास में ही एक क्लीनिक भी संचालित था। दोनों के खिलाफ थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र लवानियां ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आजमपाड़ा दौरेठा में एक घर में अवैध रूप से गर्भपात कराया जा रहा है। गुरुवार को पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। संचालिका अमिता मसीह मौके से फरार हो गई थी। बताया गया कि यह घर किराए पर लिया हुआ था। पहले इस जगह को अमिता मसीह की मां चलाती थी। उनकी मौत के बाद अमिता ने यह काम संभाला।
केस मिलने पर खुलता है सेंटर डॉ. लवानियां ने बताया कि आसपास के लोगों ने बताया कि आमतौर पर यह सेंटर बंद रहता है। कभी-कभार ही लोग आते जाते दिखते हैं। बाहर से देखने पर नहीं पता चलता कि अंदर इस तरह का काम हो रहा होगा। पीछे की गली में दो दरवाजे हैं, जहां से लोगों को आसानी से भगाया जा सकता है। डॉ. लवानियां का कहना है कि सूचना के आधार पर पता चला कि केस मिलने पर ही सेंटर खुलता था। सेंटर से किट, मशीनें, दवाएं, डिलीवरी टेबल आदि मिला है।
चल रहा था क्लीनिक इसी सेंटर के पास ही एक क्लीनिक चल रहा था, जिसका रजिस्ट्रेशन स्वास्थ्य विभाग में नहीं था। इसे राहुल नाम का व्यक्ति चला रहा था। विभाग की टीम और पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहुल फरार हो गया था। क्लीनिक से दवाएं मिली हैं। पूछताछ में स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों अनपढ़ हैं और लंबे समय से अवैध तरीके से गर्भपात और प्रसव करा रहे हैं। दोनों केंद्र में ताला लगाने के लिए कुंडा नहीं था। बंद कराकर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। दवाएं और साथ उपकरण जब्त किए हैं। दोनों के खिलाफ थाना शाहगंज में तहरीर दी गई। जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
हास्पिटल, लैब व अल्ट्रासाउंड सेंटर की मिली स्लिप
छापे के दौरान टीम को हास्पिटल, राज अल्ट्रासाउंड सेंटर सहित कई हास्पिटल, लैब रेफर स्लिप और रिपोर्ट मिली हैं। इन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा। बिना पंजीकरण के मेडिकल स्टोर बुखार की दे रहा दवाएं टीम कार्रवाई करने के बाद लौटी तो रास्ते में मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगी थी। कोई नाम नहीं लगा था। दुकान पर आमिद मिला वह बुखार के मरीजों को दवा दे रहा था। मेडिकल स्टोर का पंजीकरण नहीं था। बंद करा दिया गया।
