मलपुरा में मुहर्रम वाले दिन फिलीस्तीन के समर्थन में लगे नारे, लहराया झंडा
मलपुरा। मोहर्रम के जुलूस के दौरान फतेहपुर सीकरी ही नहीं मलपुरा थाना क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा। फिलिस्तीन का झंडा थाना मलपुरा क्षेत्र के धनौली में झंडा फहराया गया। यह पूरा मामला जगनेर मार्ग किनारे प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद हो गया है। इसकी फुटेज पुलिस ने निकालकर अज्ञात लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है। वीडियों प्रसारण के बाद जानकारी होने पर शनिवार को पुलिस ने सख्ती दिखाई। एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बाद में छोड़ा।
धनौली गांव से बुधवार की दोपहर ताजिये लेकर शहर की ओर निकले। वे ताजिÞयों के सामने फिलिस्तीन का ध्वज लेकर चल रहे थे। उनमें स्टेट हाइवे संख्या 39 (जगनेर मार्ग) पर ताजिये में एक सैकड़ा से अधिक लोग शामिल थे। इसका वीडियो मार्ग किनारे लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। इसकी भनक लगते ही गुरुवार को पुलिस चेत गई। पुलिस ने मार्ग किनारे लगे सीसीटीवी खंगाल डाले। एस चौहान हॉस्पिटल से फुटेज भी प्राप्त कर लिया। इसके बाद तीन दर्जन से अधिक लोग धनौली से पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा लिये। उनसे रात भर पूछताछ की गई। मामले में एसीपी सैंया देवेश कुमार ने बताया है। कि मोहर्रम में फिलिस्तीन झंडा क्यों लहराया,आखिर किसकी साजिश थी। यह पता लगाया जा रहा है। वायरल फुटेज के आधार पर प्रशिक्षु दरोगा की तहरीर पर अभियोग दर्ज कर लिया है।
फलस्तीन मामले में कांग्रेस करेगी पैरवी, बनाई समिति
आगरा। मुहर्रम के मौके पर जुलूस निकालते वक्त फलस्तीन जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में पुलिस ने 14 युवकों को पकड़ा था। इसकी पैरवी करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल गठित किया है। इसमें शाहिद खान, वाशिद अली, हबीब कुरैश, बशीर रॉकी, इदरीश मेव, अजहर वारसी, यामीन कादवी, याकूब शेख, मास्टर आबिद हुसैन और बाबू खान हैं। प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज आलम ने बताया कि ये प्रतिनिधि मंडल 20 जुलाई को युवकों के परिजन से मुलाकात कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। ये रिपोर्ट उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की योजना तय होगी।
दूसरे देश के नारे लगाना कानूनन अपराध
एडीजीसी आदर्श चौधरी ने बताया कि भारत में रहकर अपने देश को ही जिंदाबाद कहेंगे। अन्य देश को जिंदाबाद नहीं कह सकते। इससे अपने देश का अपमान होगा। इससे देश की संप्रभुता, एकता व अखंडता पर आघात होगा। देश के नागरिकों की भावना का अपमान होगा। अगर, ऐसा कोई करता है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 में अपराध की श्रेणी में आएगा। इसमें दोषी को एक वर्ष तक की सजा, जुमार्ना या दोनों हो सकते हैं।
