कहीं पुलिस ने दिखाई संवेदना तो कहीं दिखाया वर्दी का रौव
आगरा। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पुलिस की दो वीडियो वायरल हुई। एक वीडियो देखने के बाद लोग पुलिस की प्रशंसा करते नहीं थक रहे है। तो दूसरी वीडियो देखने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे है। दूसरी वीडियो देखने के बाद लोगों का कहना है कि अधिकारी चाहे कुछ भी कहे लेकिन थाना पुलिस अपना ढर्रे पर ही चल रही है। एक तरफा जगदीशपुरा पुलिस ने तीन दिन से घर पर रखे शव को कंधा देकर अंतिम संस्कार कराया। वहीं दूसरी वीडियो में दुकानदार से नोटिस तामिल कराने गए दरोगा ने दुकानदार पर एक के बाद एक थप्पड़ बरसाए।
थप्पड़बाज दरोगा निलंबित
आपकों बता दें कि व्यापारी को थप्पड़ मारने की घटना गुरुवार शाम की है। मथुरा की महिला ने थाना लोहामंडी में राजकुमार वर्मा, उनके बेटे शिवम और अन्य पर अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप है कि गिरवी रखी गई सोने की चेन वापस नहीं दी गई। विवेचना कर रहे गोकुलपुरा चौकी प्रभारी राकेश साहू गुरुवार शाम साढ़े पांच बजे नोटिस तामील कराने के लिए राजकुमार की गोकुलपुरा स्थित गिफ्ट की दुकान पर गए। दुकान पर राजकुमार वर्मा के बेटे शिवम वर्मा मौजूद थे। आरोप है दारोगा ने महिला ग्राहक के सामने ही शिवम वर्मा को थप्पड़ मारना शुरू कर दिए। गालियां देते हुए एक के बाद एक पांच थप्पड़ मारे। पीड़ित दुकान पर अकेला होने की गुहार लगाता रहा, लेकिन दारोगा साथी पुलिसकर्मी के साथ उसे पकड़कर चौकी ले गए। मारपीट की घटना दुकान में लगे वाइस रिकार्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हुई। शुक्रवार को मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। चौकी पर भी शिवम को पीटने का आरोप है। मामले में शिवम की मां नीलम सोनी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में लेन-देन के विवाद में पुलिस द्वारा काफी दिनों से परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। एसीपी ने रिपोर्ट में दारोगा द्वारा मारपीट और अभद्रता करने की जानकारी दी। डीसीपी सिटी ने तत्काल आरोपित दारोगा को निलंबित कर दिया।
अछनेरा पुलिस से संपर्क कर मुकदमा कराया दर्ज
पुलिस ने अछनेरा पुलिस से संपर्क कर पति जितेंद्र,ससुर,देवर सोनू और नंद पूजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद स्वजन रिश्तेदारों के आने पर अंतिम संस्कार की बोले पर अंतिम संस्कार नहीं किया। दोबारा बात करने पर उन्होंने पति या उसके तीन साल के बेटे द्वारा मुखाग्नि देने पर अंतिम संस्कार की बात कही। अलविदा के चलते माहौल खराब होने के आसार थे।
पति फरार और बेटा रिश्तेदार के पास मिला
पुलिस ने प्रयास किया तो पति फरार था। एक रिश्तेदार के पास बेटा मिला। पुलिस उसे लेकर आई। स्वजन अंतिम संस्कार का सामान लेने गए तो बिना मृतका का आधार कार्ड दिए सामान नहीं मिला। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी पर सामान दिलाया।
परिवार के लोगों के साथ पुलिस ने तैयार की अर्थी
इसके बाद इंस्पेक्टर जगदीशपुरा आनंद वीर और दारोगा संदीप राठी ने परिवार के लोगों के साथ अर्थी तैयार कराई। खुद कंधा देते हुए शव को आवास विकास सेक्टर तीन स्थित श्मशान घाट ले गए और अंतिम संस्कार कराया। पुलिस को शव को कंधा देता देख सभी खाकी की प्रशंसा करने लगे।
