परामर्श केंद्र में हुए फैसले से पलटी सास
आगरा। लखनपुरम शास्त्रीपुरम क्षेत्र की रहने वाली एक युवती की शादी अवधपुरी जगदीशपुरा क्षेत्र के रहने वाले युवक के साथ हुई। शादी के कुछ ही दिन बीते तो पति और सास ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग करते हुए उसे घर से धक्के मारकर निकाल दिया। उसने बहुत कोशिश कि, उसे ससुराल वाले अपने साथ ही रखें। लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। अब वे अपने मायके में है।
शादी के चंद ही दिन गुजरे कि ससुराल वालों ने दहेज की डिमांड शुरू कर दी। मांग पूरी ना होने पर मारपीट करने लगे। मामला पुलिस के पास पहुंचा। यहां से इन्हें परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया।11 अक्टूबर को पहली काउंसलिंग हुई। समझौता हुआ लेकिन सास में बाहर आते ही समझौते को तोड़ दिया। इस मामले तीन बार काउंसलिंग हुई। लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकल सका। अब पीड़िता अधिकारीयों के चक्कर काट इन्साफ की गुहार लगा रही है। इस बीच पत्नी का अपने पति और सास पर गंभीर आरोप ये भी है कि वे प्रेगनेंट थी। उसे कुछ इस तरह कि दवा खिलाई गई ,जिससे उसके गर्भ में ही बच्चा खत्म हो गया। पीड़िता का आरोप है कि सास और पति ने मिलकर उसका सामान तोड़ दिया है। उसने 18 सितमंबर को चौकी पर शिकायत भी की थी। इसके साथ उसका कहना है कि उसने कमिश्नर एसीपी तक से शिकायत की है। लेकिन अब-तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया
पीड़िता का कहना है कि जब पुलिस की तरफ से उसे इंसाफ की उम्मीद खत्म हुई, तो उसने महिला आयोग में अपनी समस्या सुनाई। जिसपर महिला आयोग ने कमिश्नर को जांच के लिये कहा है।
