वारदात के 24 घंटे बाद संवेदनशील पांइटों से खाकी वर्दी गायब
आगरा। संवेदनशील सीमावर्ती थाना सिकंदरा में बेखौफ बदमाश और लापरवाह खाकी वर्दी ताजनगरी के लिए भारी पड़ रही है। नवविकसित कारगिल इलाके के व्यस्ततम इलाके में एक के बाद एक ताबड़तोड़ सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। बदमाशों का दुस्साहस देखकर दुकानदार और निवासी दहशत हैं। स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
थाना सिकंदरा स्थित भीड़भाड़ वाले इलाके में कारगिल चौराहे पर ज्वैलर्स की दुकान में घुसकर हत्या और लाखों की लूट के मामले में पुलिस की लापरवाही और बेखौफ बदमाशों की सक्रियता को लेकर
स्थानीय दुकानदार और निवासी दहशत में है। व्यापारियों का कहना है कि पहले शास्त्रीपुरम चौराहा कट पर फोर्स तैनात रहता था, लेकिन एक कारोबारी को लाभ पहुंचाने के लिए जबरन कट को बंद करा दिया। इसके बाद से फोर्स भी गायब हो गया। फिर क्या था बेखौफ बदमाशों को मौका मिल गया और सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देना प्रारंभ कर दिया। स्थानीय लोगों की मानें तो कारगिल चौराहे के आसपास करीब 1500 से अधिक दुकान, शोरूम, बैंक और अन्य प्रतिष्ठिान है। इसके बाद भी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
बदमाशों ने दुकान पर पी बीयर
आगरा। सरेआम भीड़भाड़ वाले कारगिल चौराहे पर ज्वैलर्स की दुकान में घुसकर लूटपाट और कारोबारी को गोली मारने के बाद पुलिस एक्शन में आई गई है। बदमाशों की तलाश में कई टीमें जुटी हैं। पुलिस 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि एक सीसीटीवी फुटेज में ज्वैलर्स की हत्या और लूटपाट करने वाले बदमाश दुकान पर खुले आम बीयर पीते नजर आ रहे हैं। फुटेज से स्पष्ट है कि इलाके में पुलिस सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बनी हुई है।
पुलिस के निशाने पर 200 ठेल-ढकेल वाले
आगरा। पब्लिक की सुरक्षा को तैनात खाकी वर्दी वाले शिकार की तलाश में रहते हैं। बताया जाता है कि थाना और चौकी पुलिस के निशाने पर कारगिल चौराहे के चौतरफा लगने वाले वाली ठेल-ढकेल वालों पर रहता है। सूत्रो ंकी माने तो खानपान और व्यंजन की ठेल और स्टॉल लगाने वाले से प्रतिदिन के हिसाब से नजराना मिलता है। इससे खाकी वर्दी वालों की जेब गर्म होती है। नजराने का हिस्सा बीट सिपाही से लेकर थाना तक पहुंचता है।
सत्ताधारियों का बदहस्त है खाकी पर
आगरा। थाना प्रभारी सिकंदरा के कार्यकाल में सिंकदरा इलाके में पुलिस की लापरवाही के चलते कई सनसनी वारदातें चर्चा का विषय बनी। हर वारदात के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। पुलिस राजनीतिक पहुंच और अधिककारियों का बदहस्त होने पर थानेदार हर बार खुद को बचा गए। वारदातों की गाज अधीनस्थों पर गिरती गई। परिणाम बेखौफ बदमाश वारदातों को अंजाम देते गए। सत्ता के दबाव और पहुंचे के कारण पब्लिक और कारोबारियों का विरोध भी दबकर रह गया।
चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति
सात दिन में गोली कांड की दो घटना होने के बाद भी थाना पुलिस ने सबक नहीं लिया है। चेकिंग के नाम पर शाम पांच बजे से नौ बजे तक फोटो सेशन चल रहा है। कारगिल पर 26 अप्रेल को सुबह 10 बजे जूस पी रहे युवक को गोली मारी थी। सुबह 9.30 बजे से 11 बजे तक जन संदेश की टीम ने चेकिंग का रियाल्टी चेंक किया तो गोली कांड की घटना हुए दोनों स्पॉटो सहित क्षेत्र में मारूति स्टेट चौराहे से लेकर सिकंदरा चौराहें तक कहीं सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले। हाल यह है कि सुबह नौ बजे तक को सिकंदरा चौराहे के अलावा टैफिक पुलिस भी कहीं तैनात नहीं मिले।
चौकी इंचार्ज कर गिरी गाज
पदम प्राइड चौकी इन दो वारदातों से पहले भी सुर्खियों में रही है। चौकी इंचार्जाे पर पैसे लेने के आरोप लगे है। घटना के बाद भी व्यापारियों ने चौकी इंचार्ज पर लापरवाही और महीनेदारी बांधने के चलते क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम न करने के आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है।
