क्षेत्र में रोज होती है पुलिस का गश्त, दिखाई नहीं दी स्पार्कल स्टिक की फैक्ट्री
हादसे की सूचना पर दौड़ी पुलिस ने घायलों को भेजा अस्पताल
आगरा। कमला नगर थाना क्षेत्र के भगवान नगर रिहायशी इलाके में चल रही बर्थडे स्पार्कल स्टिक की फैक्ट्री पर किसी की नजर नही पड़ी। फैक्ट्री एक सकड़ी गली में चल रही थी। पुलिस क्षेत्र में गश्त करती है। फैक्ट्री की पुलिस को भनक तक नही है। शनिवार को स्पार्कल स्टिक की फैक्ट्री में धमाके के साथ लगी आग से क्षेत्र में सन सनी फैल गई। कमरे में मौजूद दो युवक और एक युवती गंभीर रूप से जल गए। परीक्षण के दौरान आग लगी। हादसे के समय दो महिलाएं और दो बच्चे पहली मंजिल पर फंस गए। सीढ़ी लगाकर उन्हें नीचे उतारा गया। धमाका इतना जरबदस्त था कि दरवाजे उखड़कर दूर जा गिरे।
पुलिस के अनुसार भगवान नगर निवासी गौरव बंसल अपने दोस्त आशीष जैन के साथ मिलकर बर्थडे स्पार्कल स्टिक बनाने का काम करते हैं। दो मंजिला मकान के भूतल पर एक कमरे में स्टिक बनाई जाती थीं। पैकिंग के लिए मेघा और चिया नाम की दो युवतियों को रख रखा था। स्पार्कल स्टिक फुलझड़ी की तरह होती है। इसमें मामूली मात्रा में बारूद होता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्पार्कल स्टिक के परीक्षण के दौरान आग लगी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें कमरे में रखे बारूद तक पहुंच गईं। उसी का धमाका हुआ था। हादसे के समय कमरे के दरवाजे बंद थे। धमाका इतना जबरदस्त था कि दरवाजे उखड़कर दूर जा गिरे। हादसे के समय चिया कमरे के बाहर थी। वह बच गई। कमरे में मौजूद आशीष जैन, मेघा और गौरव बंसल बुरी तरह झुलस गए। सूचना पर एसओ कमला नगर निशामक त्यागी फोर्स के साथ पहुंच गए। मकान की पहली मंजिल पर गौरव की पत्नी नेहा, डेढ़ माह की बेटी, सौरभ की पत्नी मोहिनी और बेटी अराध्या फंस गए थे। सीढ़ी लगाकर चारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस गंभीर रूप से जले आशीष, गौरव और मेघा को अस्पताल लेकर गई।
मेघा की 26 को है शादी
शादी से सात दिन पूर्व हादसे का शिकार हो गई मेघा कमला नगर थाना क्षेत्र के भगवान नगर में बर्थडे स्पार्कल स्टिक की फैक्ट्री में आग लगने से तीन लोग बुरी तरफ झुलस गये। झुलसे लोगों में मेंघा भी शामिल है। मेघा हादसे में बुरी तरह झुलस गई। एसएन मेडिकल कॉलेज में तीनों का इलाज चल रहा है। हादसे से व्यापारी के घर कोहराम मच गया है।
आवासीय भवनों में कारोबार
शहर की तंग गलियो में कई तरह के व्यावसायिक कार्य हो रहे है। पुलिस गलियो में गश्त कर रही है। पुलिस के नेटवर्क की अधिकारी दुहाई दे रहे है। तंग गलियों में संचालित कॉमर्शिल कार्य फिर न जाने पुलिस की निगाह से कैसे बच रहे है। मटोला थाना क्षेत्र की तंग गलियो में तमाम जूता फैक्ट्री संचालित है। जिनमे काम करने के लिए ड्रम की ड्रम स्लॉचन आता है। मंटोला थाना क्षेत्र में कई बार हादसे भी हो चुके है। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस कर कोई ठोस कार्यवाही नही की। इसी देखते हुए आपके अखबार जनसंदेश टाइम्स ने थाना ट्रांस यमुना के टेढ़ी बगिया क्षेत्र के महोदवी नगर के रिहायसी इलाके में जूते की फैक्ट्री चल रही है। उसमें हर आठ दिन में लोडिग टेंपो से स्लॉचन के ड्रम उतरते है। स्लॉचन में आग चंद सेकेंड में लगती है। खबर के बाद थाना पुलिस सक्रिय हुई। सेटिंग के खेल के बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई।
तीन मंजिला मकान में कुरकुरे की फैक्ट्री
ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के शाहदरा में घनी बस्ती है। बस्ती के बीचों बीच तीन मंजिला नमकीन की फैक्ट्री चल रही है। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में ड्रमो से रिफाइड़ पॉम आॅयल और कट्टो में भर कर कच्चा माल आता है। अगर हादसा हुआ तो आदी बस्ती हादसे की जद में आ जायेगी। मामले में क्षेत्र के लोग कई बार शिकायत कर चुके है। लेकिन जिम्मेदारों ने फैक्ट्री पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
