मां-बेटे को डूबता देख राहगीर ने मां को बचाया, बच्चे की मौत
तालाब से बच्चा निकालने में गोताखोरों को लग गये दो घंटे
आगरा। खंदौली क्षेत्र के ग्राम पैंतखेड़ा में घर के बाहर तालाब में अपने दो साल के बच्चे को डूबता देख मां ने तालाब में तुरंत छलांग लगा दी। मगर, तैरना न जानने से खुद डूबने लगी। एक ग्रामीण ने उन्हें तो बाहर निकाल लिया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई। इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा है।
ग्राम पैंतखेड़ा में यह वाकया सोमवार की सुबह करीब 9 बजे का है। पुलिस के मुताबिक अजय जुरैल का घर तालाब के किनारे है। सुबह अजय की पत्नी विनीता घर के बाहर कुछ काम कर रहीं थीं। उनका दो वर्षीय बेटा वैभव पास में ही खेल रहा था। खेलते-खेलते वैभव अचानक तालाब में गिर गया। वह डूबने लगा। बेटे की हालत देख विनीता ने उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। तैरना नहीं आने से वह भी डूबने लगीं। शोर सुनकर एक ग्रामीण ने तालाब में कूदकर विनीता को सुरक्षित निकाल लिया। पर, बेटे के डूबने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर थाना पुलिस और एसडीएम एत्मादपुर रामकृष्ण चौधरी, तहसीलदार मांधाता सिंह मौके पर पहुंचे।
बच्चे की तलाश के लिए पीएसी के गोताखोरों को बुलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पीएसी के गोताखोर बच्चे को तालाब में खोज सके। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चार भाई-बहनों में था सबसे छोटा
पिता ने बताया कि चार बच्चों में वैभव सबसे छोटा और दुलारा था। उससे बड़ा माधव (9) और दो बेटियां आस्था (16) और परी (12) हैं। वह मजदूरी करते हैं। बेटे की मौत से मां की हालत खराब हो गई है।
