मदद के लिए आई थी कॉल, पीलीभीत में मारे गए थे तीन खालिस्तानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मारे गए तीनों खालिस्तानी आतंकवादियों का लंदन कनेक्शन सामने आया है। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकियों की मदद के लिए लंदन से कॉल आई थी। स्थानीय युवक को इन आतंकियों की मदद करने को कहा गया था। ये भी सामने आया है कि जिस शख्स ने कॉल किया था, वो कुछ साल पहले तक ग्रीस में था, फिर वहां से लंदन पहुंचा था।
पीलीभीत पुलिस ने सीसीटीवी में नजर आ रहे दोनों युवकों को हिरासत में लिया था। ये दोनों पीलीभीत के ही गजरौला के रहने वाले हैं। इनसे पूछताछ में सामने आया है कि नेट कॉल के जरिए आतंकियों की मदद करने को कहा गया था। सीसीटीवी फुटेज में तीनों आतंकियों के साथ होटल के सीसीटीवी में नजर आ रहे युवक के पास कॉल आया था। बीते 23 दिसंबर की सुबह ये खालिस्तानी आतंकी पंजाब और यूपी पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारे गए थे। पंजाब पुलिस की टीम 756 किलोमीटर तक इन आतंकियों का पीछा करती रही। फिर यूपी पुलिस की मदद से इस आॅपरेशन को अंजाम दिया था।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया था। तीनों पर पंजाब के गुरदासपुर जिले के कलानौर में बख्शीवाला पुलिस स्टेशन पर हमला करने का आरोप था। उनके कब्जे से दो एके-47 राइफल, दो ग्लॉक पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया गया था।
पन्नू जैसे सैकड़ों पागल देखे हैं, पीटकर भगा देंगे
नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने महाकुम्भ को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस धमकी पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि संतों ने ऐसे सैकड़ों पागल पहले भी देखे हैं। पन्नू ने कोई भी हरकत की, तो ऐसे लोगों को पीट-पीटकर भगा देंगे। परिषद ने पन्नू के बयान को समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश बताया है। सोमवार को पीलीभीत में उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकियों के मारे जाने से बौखलाए पन्नू का महाकुम्भ में प्रमुख स्नान तिथियों 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और तीन फरवरी (बसंत पंचमी) को बाधित करने की धमकी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में आवाज खालिस्तान समर्थक पन्नू की बताई जा रही है। महाकुम्भ नगर में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, पन्नू नाम का जो व्यक्ति है, अगर कहीं ये हमारे महाकुम्भ में घुसने की हिम्मत करता है तो इसे मार-मारकर भगाया जाएगा। हमने ऐसे पागल सैकड़ों की संख्या में देखे हैं। यह माघ मेला है, जहां सिख और हिंदू सभी एक हैं। पन्नू ने आपस में विभाजन कराने वाली जो बात की है, वह उचित नहीं है। सिख समाज ने ही सनातन धर्म को बचाए रखा है। पन्नू द्वारा विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिशें बेबुनियाद हैं।
