आगरा। शनिवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस लाइन स्थित परामर्श केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने कई परिवारिक मामलों मे सुनवाई की। कई मामलों में फटकार लगाई तो कई मामलों में समझौता कराया। साथ काउंसलरों की तरीफ की। पुरूषों की समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराई जाये।
महिला आयोग की अध्यक्ष दोपहर लगभग 1 बजे परिवार परामर्श केंद्र पहुंची। सबसे पहले उन्होंने परिवार परामर्श परिसर में पीड़ितों से बातचीत की। उन्होंने पीड़िताओं से कहा कि पति-पत्नी के रिश्ते कमजोर नहीं होने चाहिए। यदि समस्याएं हैं तो पुलिस तक पहुंचना चाहिए। बहुत अच्छा है कि परिवार परामर्श केंद्र में परिवार को जोड़ने के लिए बेहतर प्रयास किया जा रहे हैं। काउंसलर भी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होने प्रभारी पूनम सिरोही से केसों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि किसी निर्दोष पुरुष के साथ भी अन्याय न हो। दोनों ही पक्षों की सुनवाई करें और निष्पक्ष निर्णय लें। तीन काउंसलिंग के बाद जांच कराएं। क्योंकि कई बार इगो के कारण ही पति-पत्नी के रिश्ते खराब होने लगते हैं। छोटी-छोटी बातों पर घर नहीं टूटना चाहिए। परिवार है तो सबकुछ है।
पुरुषों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए: आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने इसे लेकर महिलाओं के साथ वहां उपस्थित पुरुषों की समस्याएं भी जानीं। उन्होंने प्रभारी को निर्देश दिए कि जिन पुरुषों की शिकायतें हैं उनकी निष्पक्ष जांच करके कार्यवाही की जाए।
जिम-ब्यूटी पार्लरों में जल्द दिखेंगी महिलाएं
महिला आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि जिम, दर्जी की दुकानों एवं ब्यूटी पार्लर में जल्द महिलाएं दिखेंगी। क्योंकि आदेश के बाद ये बात सामने आयी कि एक दम से ट्रेनर महिलाएं कहां से लाएंगे। समय दिया जाए, जिससे उचित व्यवस्था कर सकें। इसलिए एक महीने का समय दिया गया था। फिर से सभी जिम, ब्यूटी पार्लर और दर्जियों के साथ महिलाएं भी दिखेंगी।
बेटी वाले समझें बेटी की अहमियत
कई महीनों से कैस चल रहा था कि बेटी होने के कारण पति लेकर नहीं जाता था। उन्होंने पीड़ितों के बीच खड़े होकर कहा कि बेटियों की अहमियत जानें। मैं भी किसी की बेटी हूं। आज यहां हूं। आप की मां भी किसी की बेटी है। जो आपको इस दुनिया में लेकर आयीं। समझाने पर पति अपनी पत्नी को ले जाने को तैयार हो गया। वहीं बेटी न चाहने वाली मां को भी समझाया।
अध्यक्ष के जाते ही दंपति में मारपीट
महिला आयोग की अध्यक्ष के जाते ही पति-पत्नी में मारपीट हो गयी। पति- पत्नी दोनों ही काउंसलिंग के लिए आए थे। पति: काउंसलिंग के लिए नहीं आ रहा था। पति और पत्नी में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मारपीट हो गयी। वहां उपस्थित पुलिस कर्मियों ने बताया कि सभी बाहर थे। जानकारी नहीं हो पायी। बाद में दोनों को ही सख्त निर्देश देकर काउंसलिंग के लिए दूसरी तारीख दी।
