आगरा। आगरा एसटीएफ की युनिट ने गुरूवार को साइबर ठगों को सिम और खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली और मेवात से लगे इलाकों में लोगों को डिजीटल अरेस्ट कर लोगों से ठगी करते थे। आरोपी के पास से 14 चालू सिम और 14 खातों के एटीएम बरामद किये है। आरोपी के साथ उसका साथी भी आगरा आया हुआ था। वह भागने में सफल रहा।
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि दिल्ली और मेवात में सक्रिय साइबर ठगों को आगरा से सिम बेचे जाने की जानकारी मिली थी। इस पर एसटीएफ टीम पड़ताल में लगी थी। बुधवार रात को केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड, खंदारी पर आई-10 कार को रोका गया। उसमें दो युवक थे। एक भाग गया, दूसरे को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार युवक अछनेरा निवासी शाहरुख है। उसके पास से 10 एक्टिवेटेड सिम और 14 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
पूछताछ में पता चला कि शाहरुख कबाड़ का काम करता है। दिल्ली में उसका भाई एमके रहता है। मेवात, हरियाणा में भी रिश्तेदारी है। इससे वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया। वह मथुरा के रहने वाले तेजवीर के साथ मिलकर अपराधियों को सिम उपलब्ध कराता था। ग्रामीण इलाके के मजदूर वर्ग के लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवा लेता था। उन्हें 2 से 5 हजार रुपये तक देता था। खातों से उनकी आईडी पर लिए गए सिम को लिंक कराने के बाद साइबर ठगों को उपलब्ध करा देता था।
मजदूर वर्ग को लालच देकर फंसाता था गैंग
पुलिस ने बताया कि गैंग कम पढ़े लोगों को फंसा रहा था। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर लालच देता था। उनकी आईडी से सिम खरीदे जाते थे। बाद में बैंक में खाते खुलवाए जाते थे। बदले में एक बार रकम दी जाती थी। साइबर ठग रकम को इन खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस खाताधारक के पते पर दस्तक देती थी।
पहले भी अछनेरा में पकड़ा गया गैंग
आगरा से फर्जी आईडी पर चालू सिम बेचने में पहले भी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली में जगदीशपुरा के रहने वाले 3 युवक पकड़े गए थे। वह विदेश में सप्लाई होने वाले सिम की खेप गैंग को उपलब्ध कराते थे। अछनेरा में कई आरोपी साइबर ठगी में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि कस्बे के कई परिवारों की रिश्तेदार राजस्थान के भरतपुर में है। भरतपुर में साइबर ठगी के कई गैंग सक्रिय हैं। इस कारण अछनेरा के कई युवा भी इन गैंग का सहयोग कर रहे हैं।
