एत्मादपुर क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में राजघाट नरोरा गए श्रद्धालु
एत्मादपुर। अगले वर्ष फिर आना मां ….. प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी जैसे भक्ति गानों पर एत्मादपुर बरहन खंदौली आवलखेड़ा , खांडा, जमाल नगर भैंस, मुड़ी , मितावली, सांवई आज देर शाम सैकड़ो की संख्या में दुर्गा माता की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए गाजे बाजे ढोल नगाड़ों के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु राजघाट नरोरा के लिए देर रात्रि रवाना हुए। वहीं एत्मादपुर बरहन खंदौली में दशहरा के पावन पर्व के अवसर पर विशाल भंडारे का जगह-जगह आयोजन किया गया। कस्बा बरहन निवासी सुनील कुमार शर्मा ने दशहरा के पावन अवसर पर सुबह 10 बजे से भंडारे का शुभारंभ किया। गया जो कि शाम 6 बजे तक चला।
भक्तों ने कैलादेवी में किया प्रतिमा विसर्जन
फतेहाबाद। शारदीय नवरात्र के बाद शनिवार को कस्बा फतेहाबाद में देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को विभिन्न पंडालों से लेकर यमुना नदी किनारे बने कुडों में धूमधाम से विसर्जित कर दिया गया। इस दौरान कस्बे में धूमधाम से यात्रा निकाली गई तथा भारी भीड़ रही।
फतेहाबाद तथा आसपास के क्षेत्रों में रखी दर्जनों की संख्या में प्रतिमाओं को यमुना नदी के विभिन्न घाटों पर शनिवार को धार्मिक माहौल में विसर्जित किया गया ।
वही पुरानी गल्ला मंडी स्थित माथुर वैश्य कॉलोनी के भक्तों के द्वारा नवरात्रि के अवसर पर केला देवी भवन करौली राजस्थान में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । नौ दिन माता की स्थापना के बाद पूरे विधिविधान से माता की मूर्ति का विसर्जन केलादेवी के काली सिल पर किया गया। जिसमे बड़ी संख्या में फतेहाबाद से पहुंचे भक्त शामिल रहे जिसमे प्रमुख रूप से अमित गुप्ता, डॉ मनोज गुप्ता, श्याम बिहारी गुप्ता, शिवम रैपुरिया, सचिन गुप्ता, नीशू गुप्ता, सूरज गुप्ता, लखन गुप्ता, विशाल गुप्ता, उज्जवल गुप्ता, ज्ञानी, अनीता गुप्ता, शिवानी गुप्ता, मीतू गुप्ता, रुचि गुप्ता, शालिनी गुप्ता, आस्था गुप्ता, शिवा, सनत गुप्ता,नमन गुप्ता , कृष्ण गुप्ता, दर्श गुप्ता, सुमित गुप्ता , श्रेयांश गुप्ता अन्य भक्तगण उपस्थित थे ।
चंबल घाट पर किया गया मूर्ति विसर्जन
पिनाहट। शारदीय नवरात्र में माता के भक्तों ने जगह-जगह गांव क्षेत्र में पंडाल सजाकर माता की मूर्तियों को स्थापित किया था और उनकी बीते दिनों से लगातार माता की पूजा भक्तों द्वारा की जा रही थी। बीते दिनों से चल रहे पर्व माता के व्रत त्यौहार पर माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना करते हुए भजन कीर्तन चल रहे थे। शारदीय नवरात्र माता के पूजन हवन और कन्या भोज के साथ पूर्ण हो गए। पंडालों में लगी मूर्तियों को विसर्जन करने का कार्यक्रम सुबह से ही शुरू किया गया। शनिवार को सुबह से पुलिस की देखरेख मौजूदगी चंबल नदी किनारे खोदे गड्ढे में भरे पानी में माता की सैकड़ो मूर्तियों का विसर्जन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पुलिस द्वारा पालन कराया गया किसी भी भक्त द्वारा कोई भी मूर्ति चंबल नदी में विसर्जन नहीं करनी दी गई। सुबह से शाम तक शांतिपूर्वक मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम चला रहा।
