एसएन हॉस्पीटल आए मरीजों और तीमारदारों को उठानी पड़ी परेशानी
मानव श्रृंखला बनाकर किया विरोध प्रदर्शन, धार्मिक गुरू और सामाजिक संगठनों ने दिया साथ


आगरा। कोलकाता में दुष्कर्म के बाद हुई जूनियर डॉक्टर की हत्या के विरोध में शनिवार को आई.एम.ए के साथ ,धार्मिक गुरूओं और सामाजिक संगठनों ने एमजी रोड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान इलाज के लिए आये मरीजों और तीमारदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध कर रहे डॉक्टरो के बीच पहुचे उच्च शिक्षा मंत्री योगेंन्द्र उपाध्याय को डॉक्टरों ने ज्ञापन देकर जेपी नड्डा से मामले में जांच कराकर डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग की है।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे आईएमए आगरा के सचिव डा. पंकज नगायच ने बताया कि शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार को सुबह 6 बजे तक डॉक्टर काम बंद रखेंगे। आपातकालीन और आंतरिक रोगी सेवाओं को छोड़कर सभी चिकित्सा सेवाओं को 24 घंटे के लिए बंद किया गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार कोई ठोस समाधान नहीं निकालती तो तीव्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस दौरान डा.अनूप दीक्षित,डा. योगेश सिंघल,डा. ओपी यादव, डा. राकेश त्यागी,डा. प्रीति पाठक, डा. मुनीश्वर,डा. राकेश भाटिया,डा. ए के भट्टाचार्य,डा. अरुण जैन,डा. सुरेन्द्र पाठक,डा. राकेश त्यागी,डा. जे एन टंडन,डा. डी वी शर्मा, डा. अरुण चतुर्वेदी, डा. शरद गुप्ता,डा. संजय चतुर्वेदी, डा. मुकेश भारद्वाज, डा. प्रदीप सिंह, डा. आर एन शर्मा, डा. अनुपम गुप्ता, डा. संजना महेश, डा.सलोनी बघेल, डा. अंजली गुप्ता,डा. संध्या जैन,डा. ऋचा गुप्ता ,डा. मनीषा।
इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
डाक्टरों की देशव्यापी हड़ताल का मरीजों को सामना करना पड़ा। दूर दराज से आये मरीज और तीमारदारों कों बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा। कई मरीज गंभीर हालत में एसएन पहुंचे लेकिन उन्हे इलाज नहीं मिला। तीमारदार भी अपने मरीज के इलाज के लिए यहां वहां भटकते नजर आये। तो कई इलाज के लिए एसएन की ओपीडी में डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे।
उच्च शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन
आगरा। कोलकाता में मेडिकल छात्रा के साथ हुई घटना को लेकर आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज में धरना दे रहे जूनियर रेजीडेन्ट डॉक्टर्स के बीच धरना स्थल पर शनिवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय पहुँचे और उनसे वार्ता की। धरना दे रहे जूनियर रेजीडेन्ट डॉक्टर्स छात्र-छात्राओं ने उनको अपनी मांग से अवगत कराते हुए कहा कि कोलकाता केस की निष्पक्ष न्यायिक जाँच हो, पूरे देश में पूरे समय के लिए सी.पी.ए. लागू हो तथा मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से आधुनिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित हो तथा महिला जूनियर रेजीडेन्ट डॉक्टर्स के सुरक्षा के प्रबन्ध हो।
धरना दे रहे जूनियर रेजीडेन्ट डॉक्टर्स को संबोधित करते हुए उच्च्शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोलकाता में हुई घटना नि:संदेह शर्मनाक है उस पर राजनीति नही की जानी चाहिए। बल्कि कोलकाता में हो यह रहा है कि वहाँ की सत्ता सियासती चालबाजों के चलते हुए सी.बी.आई. जाँच के लिए सबूत मिटाने हेतु हॉस्पीटल में बडे स्तर पर तोड़फोड़ को संरक्षण दे रही है वह भी निन्दा योग्य है। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी के पास नही है। हमारा केन्द्रीय नेतृत्व से लेकर स्थानीय नेतृत्व सबकी सहानुभूति कोलकाता मेडिकल कॉलेज की मृतक छात्रा व उसके परिजनों के साथ है। उस केस का कोई अपराधी बचेगा नही। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने जूनियर रेजीडेन्ट डॉक्टर्स को आश्वस्त किया वे उनके मांग संबंधित प्रतिवेदन को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे0पी0 नडडा तक पहुँचा देंगे। प्रतिवेदन में जो मांगे एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रशासन से सम्बन्धित है उनसे उच्च शिक्षा मंत्री ने प्राचार्य डॉ0 प्रशान्त गुप्ता को अवगत कराते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये।
ये है डॉक्टरों की मांग…
-बंगाल सरकार को तुरंत निष्काशित कर राष्ट्रपति शासन लागू हो।
-दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और अधिकतम सजा दिलाने के लिए उन पर त्वरित सुनवाई की जाए।
-पीड़ित परिवार को 10 करोड़ का मुआवजा दिया जाये।
-डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सभी प्रकार के अत्याचारों से बचाने के लिए एक केंद्रीय कानून बनाया जाए।
-सभी स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित करें।
-भारत में कहीं भी काम करने वाले मेडिकल छात्रों और सभी आधुनिक चिकित्सा डॉक्टरों की सुरक्षा से संबंधित सख्त नियमों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद को सशक्त बनाना।
