पूर्व मंत्री के करीबी ने बिगाड़ी बात, नहीं हो सका समझौता
पुलिस कुर्की को तैयार,समय सीमा समाप्ति का इंतजार
आगरा। पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान सिंह के दबंग नाती दिव्यांश चौधरी की मुश्किलें जल्द और बढ़ने वाली हैं। समझौते के लिए पिछले दिनों हुई पंचायत में युवती के परिजनों को धमकाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी दी गई है। बताया है कि आरोपित के कुछ करीबी शर्मिदा थे। इसी दौरान एक करीबी ने धमकाने वाले अंदाज में समझाने का प्रयास किया। पंचायत बेनतीजा रही। 16 जुलाई को आरोपित को मिली एक महीने की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। पुलिस इसके बाद कुर्की आदेश के लिए कोर्ट जाएगी।
15 अप्रैल को शाहगंज स्थित ऋषि मार्ग पर जूता कारोबारी और उनकी बेटी को गाड़ी से कुलचने का प्रयास हुआ था। घटना के बाद हंगामा हुआ था। शाहगंज थाने में पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान सिंह के नाती दिव्यांश चौधरी के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित पर 25 हजार का इनाम घोषित किया। गैर जमानती वारंट लिया। आरोपित राहत के लिए हाईकोर्ट गया। वहां से 21 दिन की मोहलत मिली थी। आरोपित को स्थानीय अदालत में समर्पण करना था। उसने नहीं किया। 16 जून को पुलिस ने आरोपित के घर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। आरोपित को कोर्ट में समर्पण के लिए एक महीने का समय दिया था। आरोपित ने अभी तक कोर्ट में समर्पण नहीं किया है। मामले को रफा-दफा करने के प्रयास हुए। युवती के परिजनों पर दबाव बनाया गया। समझौते के लिए पंचायत हुई। पुलिस अधिकारियों को इस पंचायत की जानकारी है। युवती के परिवार के एक करीबी ने पंचायत का पूरा घटनाक्रम एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बताया। जानकारी दी कि पंचायत में आरोपित पक्ष के एक व्यक्ति ने माफी मांगकर मामला खत्म करने का प्रयास किया। भरोसा दिलाया कि अब कोई ऐसा नहीं करेगा। वह खुद इस घटनाक्रम से शर्मिंदा है। युवती के परिजन उसे इस अंदाज से पिघलते इससे पहले एक व्यक्ति ने माहौल खराब कर दिया। युवती के परिजनों से कहा कि दिव्यांश जेल में जिंदगी भर नहीं रहेगा। जमानत मिल जाएगी। बाहर आकर उसने कुछ किया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। वह अपराधी बन सकता है। जेल जाकर कोई सुधरता नहीं है। पंचायत में युवती के परिजनों से यह तक कहा गया कि दिव्यांश ने लाखों का खर्चा किया था। उनसे बिल मांगे गए। वे बिल पेश नहीं कर पाए।
युवती के परिजनों का समझौते से इंकार
आरोपित पक्ष की तरफ से बोली गई इस बात से युवती के परिजनों ने किसी भी समझौते से इनकार कर दिया। वे लौट गए। अब किसी भी सूरत में किसी बैठक के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। 16 जुलाई को एक महीने की समय सीमा समाप्त हो जाएगी। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि समयं सीमा समाप्त होते ही पुलिस कोर्ट जाएगी। कुर्की की कार्रवाई का आदेश प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र देगी। कोर्ट का आदेश मिलने पर आरोपित की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी।
