‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ कहावत आगरा में हुई चरितार्थ
आगरा। वो कहते हैं न ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ ये पंक्ति आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर सच होकर सामने आई हैं। दरअसल,आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर चलती हुई ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान एक युवक का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गया लेकिन ईश्वर की कृपा रही कि युवक को मामूली खरोंच ही आई थी।
23 वर्षीय विजय सालमे बैतूल मध्य प्रदेश के निवासी हैं। उन्हें सचखंड एक्सप्रेस से जाना था। ट्रेन जब प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची तो चलती ट्रेन में ही विजय सलामे ने चढ़ने का प्रयास किया । इस दौरान वह अनियंत्रित हो गया और उसका पैर फिसल गया। इसके कारण वह नीचे गिर गया और ट्रेन के नीचे आ गया। जब तक चेन पुलिंग की जाती है। ट्रेन उसके ऊपर से करीब 500 मीटर तक गुजर चुकी थी। इसके बाद लोगों ने किसी तरह ट्रेन के अंदर से चेन खींच कर रुकवाई। सूचना पर आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई।
बाल—बाल बचे युवक को ट्रेन के नीचे से निकालकर इलाज के लिए भेजा । युवक को हल्की चोटें आई हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर आगरा छावनी शिशिर झा ने बताया कि युवक सही सलामत है। हालत में सुधार आने के बाद उसे ट्रेन में बिठाकर रवाना कर दिया गया है।
