बैंक से किश्त के लिए फोन आया तब परिवार को लोन की हुई जानकारी
आगरा। शहर से लेकर देहात तक लोन के नाम पर ठगी करने वाले गैंग सक्रिय है। गैंग बैंक में मजबूत पकड़ के चलते किसी को भी लाखों का चूना लगा सकते है। सैंया निवासी पीड़ित परिवार ऐसे ही एक मामले में कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है। आरोपी ने पीडित परिवार को लोन दिलाने का विश्वास दिलाया। उसके बाद बैंक से प्रपत्र तैयार कराये। बैंक में खाता खुलवाने के बाद उसे चेक बुक दे दी। चेक बुक से एक चेक पर साइन कराकर ठग ने रख लिया । लोन होने के बाद आरोपी ने बैंक में चेक लगा कर सारे पैसे निकाल लिए।
कंचनपुरा तेहरा निवासी जितेन्द्र ने वकील के माध्यम से कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित जितेन्द्र ्र ने बताया कि उनकी कुछ महीने पहले एक लोन कराने वाले युवक से मुलाकात हुई। जिसे वह पहले से जानता था। लोन कराने वाले युवक ने जितेन्द्र को कहा की तुम बेरोजगार घूम रहे हो। मैं तुम्हारा दस-दस लाख का डेरी का लोन करा दूंगा। वह उसकी बातों में आ गया। लोन कराने वाले युवक ने जितेन्द्र,जितेन्द्र की पत्नी और उसके भाई सतेन्द्र का लोन कराने की बात कहीं। पीड़ित ने बेरोजगारी के चलते तीनों का लोन कराने के लिए राजी हो गया। लोन कराने वाले युवक ने जितेन्द्र का सदर स्थित केनरा बैंक में खाता खुलवाया। सतेन्द्र का रूई की मंण्डी स्थित पंजाब बैक और जितेन्द्र की पत्नी का भागवान टॉकिज स्थित बडौदा बैंक में खाता खुलवाया। उसी दिन तीनों को चेक बुक दिलवा दी।
जिसमे से एक-एक चैंक गारन्टी के तौर पर हस्ताक्षर करा कर रख लिया। लोन कराने वाले युवक ने सतेन्द्र और जितेन्द्र का 10-10 लाख कर लोन कराया। जबकि जितेन्द्र की पत्नी का 45 लाख का लोन पास करा दिया। आरोप है कि बैंक मैनेजर की साठ-गाठ से काव्या डेरी दिव्या डेरी के नाम से तीनों लोन करा दिये।पीड़ित परिवार का आरोप है कि लोन कराने वाले युवक ने हस्ताक्षर किये चैक से तीनों खातों से करीब 47 लाख रूपये निकाल लिये। बैंक से किश्त जमा कराने के लिए फोन आया तब पीड़ित को लोन होने की जानकारी हुई। पीड़ित ने वकील के माध्यम से कोट में मदद ही गुहार लगाई है।
