आगरा। चांदी व्यापारी की पत्नी की हत्या के बाद घर में लूटपाट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पत्नी की हत्या में व्यापारी का पूर्व पड़ोसी शामिल था। पड़ोसी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए सौ से अधिक कैमरे खंगाले थे। पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को जेल भेजा है। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। घटना में शामिल तीसरे बदमााश की तलाश में दबिश दी जा रही है।
न्यू आदर्श नगर टीला स्थित अपार्टमेंट सुनील सदन में रविवार को चांदी व्यवसाई प्रेम प्रकाश गुप्ता की पत्नी मंजू गुप्ता की लूटपाट के दौरान हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने मंजू का गला दुपट्टे से घोट दिया था। वारदात के तरीके से पुलिस को पहले दिन से हत्याकांड में परिचित का हाथ होने का शक था। फ्लैट के दरवाजे बिना किसी विवाद के खुले थे। दरवाजा खोलने के बाद मंजू गुप्ता रसोई में खाना बनाने चली गई थीं। रसोई में ही बदमाशों ने उनका दुपट्टे से गला घोट दिया था। इसके बाद आराम से लूटपाट करके नकदी-जेवरात ले गए थे।
सौ से अधिक सीसीटीवी खंगाले थे: पुलिस ने रविवार रात से सोमवार सुबह तक इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। छानबीन में पता चला कि चांदी व्यवसाई के बराबर वाले फ्लैट में कैलाश अग्रवाल अपने परिवार के साथ रहता था। उसने हाल ही में अपना फ्लैट बदला था। आदर्श नगर बल्केश्वर में परिवार के साथ किराए पर रहने लगा था। चांदी व्यवसाई के घर पर कैलाश को बेरोकटोक आना-जाना था। वह व्यवसाई और उनके परिवार के बारे में एक-एक बात जानता था। डांस अकादमी रविवार को बंद रहती है। प्रेम प्रकाश की 12 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांश धेवती कुछ बोल और बता नही पाती है। आरोपित सारी बात जानता था।
देर रात पुलिस पर बदमाशों ने कर दी फायरिंग
पुलिस को सोमवार रात एक बजे दो बदमाशों के कमला नगर इलाके में होने की सूचना मिली। पुलिस ने कैलाश अग्रवाल और उसके साथी मोहन की घेराबंदी कर ली। दोनों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि लूट और हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपितों कैलाश अग्रवाल और मोहन को गिरफ्तार किया है। उनके फरार साथी की तलाश जारी है।
हड़बड़ाहट मे नकली जेवरात भी लूट गए
मुख्य आरोपित कैलाश अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह निर्माण साइट पर काम करने वाले मजदूरों का सुपरवाइजर था। उस पर काफी कर्जा हो गया था। कर्जा देने वाले लगातार उससे तकादा कर रहे थे।चांदी व्यवसाई प्रेम प्रकाश के यहां उसका आना-जान था। उसे पता था कि मंजू गुप्ता के पास लाखों की नकदी और जेवरात हैं। लूटपाट के बाद मंजू गुप्ता की हत्या कर दी। इसके बाद अलमारियों में जो भी जेवरात मिले, लूट ले गए। बाद में पता चला इनमें से कई जेवरात नकली थे।
पुलिस घर पहुंची तो फरार हुआ
छानबीन में कैलाश अग्रवाल का पता चलने पर पुलिस उसके घर पहुंची तो वह फरार था। पत्नी ने पुलिस को बताया था कि कैलाश रविवार शाम साढ़े सात बजे घर आया था। वह काफी घबराया हुआ था। बैग में कपड़े व सामान आदि लेकर निकल गया था। पत्नी से कहा गया था कि उससे गलती हो गई है, वह अब लौटकर नहीं आएगा। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।
