
आगरा। बिजली घर चौराहे पर नशे में ई-बस में चढ़ते समय युवक के हाथ में चोट लग गई। शिकायत पर युवक और परिचालक में विवाद हो गया। परिचालक युवक को चौकी ले गये। आरोप है कि थाने में नौ पुलिस कर्मीयों ने युवक को पीटा। जेल भेजने की धमकी दी। वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया।
आदर्श नगर, रकाबगंज निवासी आकाश चौधरी की बुआ मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा हैं। बुधवार को अपराह्न 3 बजे आकाश अपने साथी सोहेल और दो अन्य के साथ बिजलीघर पर ई-बस में चढ़ रहे थे। इस दौरान उसका हाथ बस के दरवाजे में आ गया। इससे खून निकल आया। इस पर उन्होंने परिचालक शिव कुमार से शिकायत की। आरोप लगाया गया कि आकाश ने शिव कुमार से अभद्रता की। चालक आया तो उससे भी भिड़ गया। बस का शीशा तोड़ दिया। हंगामा होता देखकर लोग जुट गए। मार्ग पर जाम लग गया। सूचना पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही राजेश कुमार पहुंचे। उनसे भी अभद्रता की। शर्ट की कॉलर फाड़ दी। बाद में थाना पुलिस पहुंच गई। आरोपी को पकड़ लिया।
थाना प्रभारी शैली राणा ने बताया कि आकाश और उसके साथी नशे में थे। उन्होंने थाने में भी पुलिसकर्मियों को धमकाया। इस पर परिचालक की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी की धारा में केस लिखा है। दो आरोपी आकाश और सोहेल को गिरफ्तार कर लिया है।
नौ पुलिसकर्मियों ने की पिटाई
मेयर का आरोप है कि नौ पुलिसकर्मियों ने आकाश की पिटाई की। बेरहमी से पीटा। जिस हाथ में चोट लगी, उसे तोड़ने का प्रयास किया। महापौर का भतीजा बताने पर गालियां दीं। बार-बार पीटा गया। अब कह रहे हैं कि लूट का सामान लगाकर जेल भिजवाओ। अगर, जांच की जाए तो पता चल जाएगा कि एक अकेला व्यक्ति पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ सकता है या नहीं। वह अपराधी नहीं है। इसके बावजूद बेरहमी से पीटा। पूरे प्रकरण से पुलिस आयुक्त को अवगत कराया। उन्होंने एक बार बात सुनी। फिर फोन उठाने बंद कर दिए। यह अच्छी स्थिति नहीं है। ऐसा इल्जाम लगाना गलत है।
निर्दोष भतीजे को चौकी-थाने में पीटा
दूसरी ओर मेयर हेमलता दिवाकर ने कहा कि पुलिस जो बोल दे वो पत्थर की लकीर हो जाती है। किसी को नहींं पता कि मेरे परिवार और मुझे कितना टार्चर किया गया। मेरा भतीजा घायल हो गया था। इस पर सवारियों ने परिचालक को डांटा। उसने गालीगलौज की। आकाश की कहासुनी हो गई। इस पर परिचालक चौकी पर ले गए। वहां पर आकाश की पिटाई की। पुलिसकर्मी ने अपना कॉलर खुद फाड़ा। आकाश पर आरोप लगा दिया। थाने लाकर शिकायत की।
