फास्टैग न होने पर टोल कर्मियों ने रोका था, महिला कर्मी से की अभद्रता
दिखाये तीन फास्टैग, तीनों पहले ही किये जा चुके थे ब्लॉक
फरह। फास्टैग के विवाद लेकर नशे में धुत वाहन चालक और उनके साथी टोल कर्मियों से भिड़ गए। वहां मौजूद महिला टोल कर्मी से अभद्रा पर नौबत मारपीट तक पहुंच गई।
दरअसल, शनिवार दोपहर में आगरा से दिल्ली जा रहे कर सवारों का फास्ट टैग स्कैन न होने के कारण टोल विंडो पर तैनात कर्मी ने पेनल्टी सहित टोल मांगा। इस पर कार ने सवार युवकों ने टोल देने से इनकार कर दिया और जबरन वाहन को निकालने लगे। गार्डों ने कार को रुकवा लिया। देखते देखते दोनों ओर से झगड़ा हो गया। नशे में धुत बताए जा रहे वाहन चालकों ने महिला कर्मी से अभद्रता की।
इस पर बात मारपीट तक पहुंच गई। इसके बाद टोल कर्मियों ने इकट्ठा होकर उन्हें वहां से भागने को मजबूर कर दिया। टोल चौकी इंचार्ज सुनील कुमार ने बताया कि दोनों ओर से किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
वर्जन
टोल प्लाजा पर 17 नवंबर को आगरा की तरफ से एचआर 95 ए1962 गाड़ी आई, जिस पर फास्टैग नहीं लगा हुआ था। टोल प्लाजा के टिकट विंडो पर बैठी ही महिला कर्मी में जब वहां स्वामी से फास्टैग के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने कहा हम लोग फास्टैग नहीं लगाते हैं और ना ही टोल देते हैं। बाद में वाहन स्वामियों ने दो-तीन फास्ैग और दिखाए, जो पहले से ही ब्लॉक थे। जब इस विषय में टोल कर्मियों ने उनसे बात करना चाही, तब तक वह लोग टोल कर्मियों के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने महिला टोल कर्मियों के साथ हद दर्जे की अभद्रता की। टोल कर्मियों ने बताया कि वाहन चालक बुरी तरह नशे में धुत थे। -जयपाल सिंह, टोल प्रबंधक
